• 02 Apr, 2026

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पंचविंश अध्याय – विष्णुवर्द्धन | श्रीरामानुजाचार्य जीवन कथा

पंचविंश अध्याय – विष्णुवर्द्धन | श्रीरामानुजाचार्य जीवन कथा

श्रीरामानुजाचार्य का चोल राज्य की सीमा पार कर बौद्ध राजा विठ्ठलदेव को वैष्णव धर्म में दीक्षित करना, व्याधों और भक्तों के मार्गदर्शन से यात्रा और भक्तग्राम की घटनाएं।

चतुर्विंश अध्याय – कृमिकण्ठ | श्रीरामानुजाचार्य जीवन कथा

श्रीरामानुजाचार्य और उनके गुरु श्रीमहापूर्ण के बीच की घटना, शूद्र भक्त का दाह, चोल-राज्य की चुनौती, और कूरेश की अद्वितीय भक्ति का वर्णन।

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त्रयोविंश अध्याय – धनुर्दास | श्रीरामानुजाचार्य जीवन कथा

धनुर्दास और उनकी पत्नी हेमाम्बा की भक्ति, श्रीरामानुजाचार्य की कृपा, गरुड़-महोत्सव में घटनाएँ, गुण और ब्राह्मण धर्म का महत्व।

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द्वाविंश अध्याय – कूरेश | श्रीरामानुजाचार्य जीवन कथा

कूरेश की जीवनी, कूरेश और उनकी पत्नी आण्डाल की भक्ति, श्रीरामानुजाचार्य के प्रति उनकी सेवा, नवजात शिष्यों का नामकरण, बालक पराशर की अलौकिक प्रतिभा।

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एकविंश अध्याय – दिग्विजय | श्री रामानुजाचार्य जीवन कथा

श्रीरामानुजाचार्य का दिग्विजय, दक्षिण और उत्तर भारत की यात्रा, शास्त्रार्थों में विजय, शारदा पीठ का दर्शन, श्रीभाष्य का प्रचार, श्रीजगन्नाथपुरी और वेंकटाचल यात्रा का विस्तृत वर्णन।

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विंशतम अध्याय – श्रीभाष्य की रचना

श्रीरामानुजाचार्य द्वारा श्रीभाष्य की रचना, कश्मीर यात्रा, बोधायनवृत्ति की प्राप्ति, कूरेश की अद्भुत स्मृति, शारदा देवी का आशीर्वाद और वेदान्त सिद्धांत की स्थापना का विस्तृत वर्णन।

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एकोनविंश अध्याय – गोविन्द का संन्यास

गोविन्द का संन्यास — गोविन्द का गुरु-समर्पण, सेवाभाव, परीक्षाएँ, संन्यास-प्राप्ति और 'मन्नाथ' नामकरण का विस्तृत वर्णन। यह अध्याय भक्ति, त्याग और वैष्णव परम्परा की प्रेरक कथा प्रस्तुत करता है।

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