त्रयोविंश अध्याय – धनुर्दास | श्रीरामानुजाचार्य जीवन कथा
धनुर्दास और उनकी पत्नी हेमाम्बा की भक्ति, श्रीरामानुजाचार्य की कृपा, गरुड़-महोत्सव में घटनाएँ, गुण और ब्राह्मण धर्म का महत्व।
धनुर्दास और उनकी पत्नी हेमाम्बा की भक्ति, श्रीरामानुजाचार्य की कृपा, गरुड़-महोत्सव में घटनाएँ, गुण और ब्राह्मण धर्म का महत्व।
श्रीरामानुजाचार्य और उनके गुरु श्रीमहापूर्ण के बीच की घटना, शूद्र भक्त का दाह, चोल-राज्य की चुनौती, और कूरेश की अद्वितीय भक्ति का वर्णन।
Read Moreश्रीरामानुजाचार्य का चोल राज्य की सीमा पार कर बौद्ध राजा विठ्ठलदेव को वैष्णव धर्म में दीक्षित करना, व्याधों और भक्तों के मार्गदर्शन से यात्रा और भक्तग्राम की घटनाएं।
Read Moreश्रीरामानुजाचार्य का यादवाद्रि में देवमूर्ति की स्थापना, दिल्ली से रामप्रिय मूर्ति लाना, सम्राट-कन्या की भक्ति और जातिविहीन भक्तिभाव का वर्णन।
Read Moreसप्तविंश अध्याय में श्रीरामानुजाचार्य, परम भक्त कूरेश की भक्ति, ज्ञानचक्षु प्राप्ति और भगवान श्रीवरदराज की कृपा का विस्तृत वर्णन।
Read Moreअष्टाविंशति अध्याय में श्रीरामानुज के शिष्यों के अलौकिक गुण, भक्ताग्रणी कूरेश की महिमा, अनन्ताचार्य और उनके शिष्यगण की भक्ति और सेवा का विस्तृत वर्णन।
Read Moreएकोनत्रिंश अध्याय में श्रीरामानुजाचार्य की मूर्तिप्रतिष्ठा, शिष्यों की भक्ति, गुरु-विरह, और उनके जीवनकाल की घटनाओं का विस्तृत वर्णन।
Read Moreविशिष्टाद्वैत वेदांत के अनुसार जीव, प्रकृति और परब्रह्म के स्वरूप, कारण और परिणाम, जीवों का तिरोहित स्वरूप, तथा मोक्ष और भक्ति का मार्ग।
Read Moreभगवान भाष्यकार द्वारा जीवों की मुक्ति के उपाय, उपदेश और मार्गदर्शन। मोक्षकामी वैष्णवों के लिए संपूर्ण निर्देश।
Read Moreश्रीरामानुजाचार्य द्वारा रचित प्रमुख ग्रन्थों का परिचय एवं विवरण। वेदार्थ संग्रह, वेदान्तसार, वेदान्त दीप, श्रीभाष्य, गीता भाष्य, गद्यत्रय, नित्याराधन।
Read Moreद्वादश दिव्य सूरी और दस पूर्वाचार्यों के नाम और विवरण। श्रीरामानुजाचार्य के प्रमुख शिष्यों और आलवारों की नामावली।
Read Moreकूरेश की जीवनी, कूरेश और उनकी पत्नी आण्डाल की भक्ति, श्रीरामानुजाचार्य के प्रति उनकी सेवा, नवजात शिष्यों का नामकरण, बालक पराशर की अलौकिक प्रतिभा।
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