• 29 Mar, 2026

जीवनि

त्रयोविंश अध्याय – धनुर्दास | श्रीरामानुजाचार्य जीवन कथा

त्रयोविंश अध्याय – धनुर्दास | श्रीरामानुजाचार्य जीवन कथा

धनुर्दास और उनकी पत्नी हेमाम्बा की भक्ति, श्रीरामानुजाचार्य की कृपा, गरुड़-महोत्सव में घटनाएँ, गुण और ब्राह्मण धर्म का महत्व।

चतुर्विंश अध्याय – कृमिकण्ठ | श्रीरामानुजाचार्य जीवन कथा

श्रीरामानुजाचार्य और उनके गुरु श्रीमहापूर्ण के बीच की घटना, शूद्र भक्त का दाह, चोल-राज्य की चुनौती, और कूरेश की अद्वितीय भक्ति का वर्णन।

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पंचविंश अध्याय – विष्णुवर्द्धन | श्रीरामानुजाचार्य जीवन कथा

श्रीरामानुजाचार्य का चोल राज्य की सीमा पार कर बौद्ध राजा विठ्ठलदेव को वैष्णव धर्म में दीक्षित करना, व्याधों और भक्तों के मार्गदर्शन से यात्रा और भक्तग्राम की घटनाएं।

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षड्विंश अध्याय – यादवाद्रिपति | श्रीरामानुजाचार्य जीवन कथा

श्रीरामानुजाचार्य का यादवाद्रि में देवमूर्ति की स्थापना, दिल्ली से रामप्रिय मूर्ति लाना, सम्राट-कन्या की भक्ति और जातिविहीन भक्तिभाव का वर्णन।

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सप्तविंश अध्याय – कूरेश | श्रीरामानुजाचार्य जीवन कथा

सप्तविंश अध्याय में श्रीरामानुजाचार्य, परम भक्त कूरेश की भक्ति, ज्ञानचक्षु प्राप्ति और भगवान श्रीवरदराज की कृपा का विस्तृत वर्णन।

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अष्टाविंशति अध्याय – श्रीरामानुज के शिष्यों के अलौकिक गुण | जीवन कथा

अष्टाविंशति अध्याय में श्रीरामानुज के शिष्यों के अलौकिक गुण, भक्ताग्रणी कूरेश की महिमा, अनन्ताचार्य और उनके शिष्यगण की भक्ति और सेवा का विस्तृत वर्णन।

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एकोनत्रिंश अध्याय – मूर्तिप्रतिष्ठा और तिरोभाव | श्रीरामानुज जीवन कथा

एकोनत्रिंश अध्याय में श्रीरामानुजाचार्य की मूर्तिप्रतिष्ठा, शिष्यों की भक्ति, गुरु-विरह, और उनके जीवनकाल की घटनाओं का विस्तृत वर्णन।

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श्रीभाष्यकार स्वामीजीके मान्य दार्शनिक सिद्धान्त

विशिष्टाद्वैत वेदांत के अनुसार जीव, प्रकृति और परब्रह्म के स्वरूप, कारण और परिणाम, जीवों का तिरोहित स्वरूप, तथा मोक्ष और भक्ति का मार्ग।

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श्रीरामानुजाचार्य के ग्रन्थ और परिचय

श्रीरामानुजाचार्य द्वारा रचित प्रमुख ग्रन्थों का परिचय एवं विवरण। वेदार्थ संग्रह, वेदान्तसार, वेदान्त दीप, श्रीभाष्य, गीता भाष्य, गद्यत्रय, नित्याराधन।

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द्वाविंश अध्याय – कूरेश | श्रीरामानुजाचार्य जीवन कथा

कूरेश की जीवनी, कूरेश और उनकी पत्नी आण्डाल की भक्ति, श्रीरामानुजाचार्य के प्रति उनकी सेवा, नवजात शिष्यों का नामकरण, बालक पराशर की अलौकिक प्रतिभा।

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